‘18 चैप्टर्स’ : आध्यात्मिकता की रौशनी में सफलता के गुर

एस.पी. भारिल्ल ने एक कहानी के माध्यम से आम जीवन के मसलों को बहुत ही सरल ढंग से उठाया है.

‘18 चैप्टर्स’ को पढ़ने के बाद मन में कई तरह के विचार आते हैं। मैं स्वयं सोच में पढ़ गया कि ज़िन्दगी के असल मायने क्या हैं, और ऐसा क्यों है कि हमारी ज़िन्दगी इस तरह उलझी हुई है। जानेमाने वक्ता एस.पी. भारिल्ल की यह चर्चित किताब हमारी सोच पर असर डालती है। किताब हर अध्याय में साबित करती है कि सकारात्मक जीवन ही असल जीवन है।

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भारिल्ल अपनी लेखन शैली की वजह से हमारे मन पर प्रभाव डालते हैं और ऐसा महसूस कराते हैं कि वे खुद पढ़कर इसे सुना रहे हों। यह भी सच है कि उनके विचारों से दूसरों की ज़िन्दगी बदली है।

कहानी का मुख्य पात्र राजा सोच रहा है –‘ये दुनिया ऐसी क्यों है? ये जीवन इतना टेढ़ा क्यों है? इतनी बड़ी ज़िन्दगी कैसे कटेगी, न कोई उमंग, न उत्साह, न कोई उद्देश्य, बस कमाओ खाओ, सोओ और एक दिन मर जाओ। इस दुनिया में कोई भी अपना नहीं लगता। हरेक व्यक्ति खाने को ही दौड़ता है।‘

लेखक में शुरू से अंत तक आपको बांधे रखने की कला है। तभी आप पहला पन्ना पढ़ने के बाद धीरे-धीरे किताब के आखिरी पन्ने तक आसानी से पहुंच जाते हैं। उन्होंने एक कहानी के माध्यम से आम जीवन के मसलों को बहुत ही सरल ढंग से उठाया है। वे उनका निदान भी साथ-साथ करते हुए चलते हैं। अनेक उदहारण भी दिए गए हैं जिससे लेखक अपनी बात कहता जाता है। पाठक को भारीपन बिल्कुल नहीं लगता।

किताब कहती है :
‘राजा और चेतन के संवाद एक व्यक्ति के अंतर्मन के उन तमाम पहलुओं को छूते हैं जिनका जवाब वह जीवन भर ढूंढता रहता है, जिनके माध्यम से दिशाहीन, परेशान और आत्महत्या करने को तैयार राजा आशा की सुनहरी धूप में आकर खड़ा हो जाता है और उसके लिए ज़िन्दगी एक तोहफा बन जाती है।‘

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कुछ बातें जो किताब में बार-बार पढ़ने का मन करता है, वे हैं :
1.सपना देखना एक कला है और जो सपना देखता है, वह कलाकार होता है। अब उसका काम कला को सिर्फ मूर्त रूप देना है। यही तो उसकी कलाकारी है।
2.इतिहास गवाह है, यह दुनिया जिस पर हंसी है, उसी ने इतिहास रचा है।
3.कभी आसान ज़िन्दगी की तमन्ना मत करना। चुनौती रहित जीवन की आकांक्षा मत करना। इसका मतलब तुम कमज़ोर व्यक्ति बनने की तमन्ना कर रहे हो। ऐसी परेशानियों एवं चुनौतियों की तमन्ना मत करना, जो तुम्हारी क्षमता के बराबर हों, बल्कि ऐसी क्षमता प्रकट करने की तमन्ना करना, जो तुम्हारी परेशानियों एवं चुनौतियों के बराबर हों।
4.किसी को नज़रअंदाज़ मत करो। उसे यह महसूस कराओ कि वह आपके लिए महत्वपूर्ण है। आपके द्वारा किसी को महत्वपूर्ण होने का एहसास दिलाना स्वयं का सम्मान बढ़ाना है।

‘18 चैप्टर्स’ आपको सिखाती है कि सफलता कैसे हासिल की जा सकती है। युवाओं के लिए यह पुस्तक मार्गदर्शक है। आध्यात्मिकता को एस.पी. भारिल्ल जानते हैं और उसका सकारत्मक असर भी, तभी उन्होंने संवादों में इसका ख्याल रखा है। यह सही है कि यह पुस्तक सफलता के गुर आध्यात्मिकता की रौशनी में सिखाती है।


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