लोक व्यवहार में कुशलता : दूसरों को प्रभावित करने के सरल तरीके

लेखक ने कागज के पन्नों में अक्षरों की औषधि तैयार की है जिसका सफल असर होता है.

लोग हमारे व्यवहार से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। हर कोई खास है और हर किसी को ‘स्पेशल’ महसूस कहलवाना अच्छा लगता है। ऐसा हमें प्रसन्न करता है, हमें उत्साह से भर देता है तथा कुछ नया करने को प्रेरित करता है। इसका लाभ प्रशंसा करने वाले और प्रशंसा पाने वाले, दोनों को होता है। जैसा व्यवहार करेंगे, उसी अनुरुप पायेंगे। यह भौतिकशास्त्र (फिजिक्स) के नियम की तरह है।

लेस गिबलिन की प्रेरणादायक पुस्तक ‘लोक व्यवहार में कुशलता’ हमारा वक्त बचाती है। करीब 60 पन्नों की यह किताब उनसे कई गुने उन्नत विचार और क्रियायें हमारे मन में भर देती है। यह अंग्रेजी में चर्चित पुस्तक 'Skill With People' का हिंदी अनुवाद है।

यकीन मानिए हर पन्ना हमें थोड़ा रुककर सोचने पर विवश करता है। यदि ऐसा हो रहा है तो समझ लीजिए किताब में प्रभावपूर्ण सामग्री है। दूसरों को प्रभावित करने के सरल तरीके इस पुस्तक को श्रेष्ठ बनाते हैं।

लेखक ने कागज के पन्नों में अक्षरों की औषधि अपने पाठकों की भलाई के लिए तैयार की है जिसका सफल असर होता है।

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किताब कहती है: ‘यह करियर में सफलता, बेहतर सामाजिक जीवन और उन्नत पारिवारिक जीवन के लिए उत्कृष्ट पथ-प्रदर्शक है। इसमें आप आसानी से लागू की जाने वाली सलाहों और तकनीकों को जानेंगे जो नए लोगों से मुलाकात, सौदे को पूरा करने या पलक झपकाते ही लोगों को विस्मित करने में आपकी मदद करेंगी। जानिए कि क्या आप 10 सवालों का जबाव देकर ऐसा कौशल विकसित कर सकते हैं जिसके आधार पर आप सामाजिक रुप से सफल बन सकें।’

‘लेस गिबलिन लोगों के साथ व्यवहार तथा ब्रिकी कौशल के महारथी हैं। वे आपको बताते हैं कि अपने निजि संबंधों का लाभ उठाने के लिए आप प्रभावपूर्ण बातचीत करना, निश्चित तौर पर प्रभाव छोड़ना और संवदेनशीलता के साथ सुनना कैसे सीखें।’

पहले अध्याय में गिबलिन ने मानव स्वभाव को समझने की बात कही है। उन्होंने बताया है कि लोगों की बुनियादी रुचि आप में नहीं, बल्कि खुद में होती है।

अगले अध्याय में वे कहते हैं कि दूसरों को बातचीत के द्वारा प्रभावित करने के लिए उनके बारे में बात करें और उनसे उनके बारे में बात करायें।

लेखक ने लोक व्यवहार में कुशलता हासिल करने के लिए विभिन्न तरीकों से सरल भाषा में समझाया है। 14 अध्याय में बेजोड़ सलाह दी गयी हैं।

लेस गिबलिन कहते हैं कि यदि आप मानव संबंधों में सुयोग्य बनना चाहते हैं तो दूसरों को महत्वपूर्ण महसूस करायें।

‘लोक व्यवहार में कुशलता’ में लेस गिबलिन ने लोगों के साथ सहमत होने में कुशल किस तरह बना जा सकता है, पर भी चर्चा की है। उन्होंने सहमत होने की कला के 6 हिस्सों को बहुत सरलता से पाठकों को समझाया है।

दूसरों को सुनना भी एक कला है। पुस्तक हमें अच्छा श्रोता बनने के पांच नियम बताती है।

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दूसरों को प्रभावित करना और उन्हें विश्वास दिलाना किसी को भी सफलता के शिखर पर पहुंचा सकता है। लोगों से ‘हां’ कहलवाना सीखें। उसके लिए लेस गिबलिन के पास शानदार तरीके हैं जो चुटकी में कोई भी कर सकता है।

किताब के मुताबिक हर इंसान में वह हुनर है जो लोगों की मनोदशा तय कर सकता है।

यहां आपको खुशी का फॉर्मूला मिलेगा। लोगों की प्रशंसा तथा आलोचना करने के कारगर तरीके भी इस पुस्तक के पन्नों में दर्ज हैं।

धन्यवाद कहने की कला पर चर्चा की गयी है। यह इंसान को सर्वोच्च बनाने में लाभदायक है।

लेखक ने साथ ही यह बताया है कि दूसरों पर अच्छा प्रभाव किस तरह डाला जाये। हमारे बोले गए एक-एक शब्द का असर होता है। बोलते समय श्रोताओं को देखें।

‘लोक व्यवहार में कुशलता’ एक बार में पढ़ी जाने वाली पुस्तक है जो आपकी समझ को विकसित करने में मददगार साबित होगी। आप खुद को समझ सकते हैं और दूसरों को समझने की आपकी काबिलियत का विकास होगा। पुस्तक आपका परिचय श्रेष्ठता से करायेगी जिससे आपका जीवन भविष्य की योजनाओं के लिए तैयार होगा।

पुस्तक को पढि़ए, जीवन में बदलाव होते हुए महसूस कीजिए!

'लोक व्यवहार में कुशलता' पुस्तक की दुनियाभर में 20 लाख से अधिक प्रतियां बिक चुकी हैं तथा 20 भाषाओं में अनुवाद हो चुका है.
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'लोक व्यवहार में कुशलता’
लेखक : लेस गिबलिन
अनुवाद : डॉ. सुधीर दीक्षित
प्रकाशक : मंजुल प्रकाशन
पृष्ठ : 58
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