अटलजी के जीवन पर दो खास किताबें

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अटलजी के व्यक्तित्व और राजनीतिक क्षमता को करीब से समझने के लिए ये क़िताबें ख़ास हैं.
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर दो खास किताबें आयी हैं जिनमें उनके जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गयी है। ये किताबें हमें अटलजी के जीवन के उस सफर की सैर पर ले जाती हैं जहाँ हम उन्हें करीब से जान सकते हैं। उनके व्यक्तित्व और राजनीतिक क्षमता को करीब से समझ सकते हैं। साथ ही ये किताबें आज के दौर की राजनीति और अटलजी के समय की राजनीति के फर्क को भी उजागर करती हैं।

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वाजपेयी: एक राजनेता के अज्ञात पहलू -
संसद में नेहरूवाद से मिलते-जुलते अपने 'धर्मनिरपेक्ष' बयानों के बावजूद अटल बिहारी वाजपेयी यदा-कदा कट्टरपंथी जमात में थोड़ी घुसपैठ कर जाते थे। 1983 में उन्होंने असम चुनावों के दौरान भड़काऊ भाषण दिया जिससे प्रदेश में 'बांग्लादेशी विदेशियों' की मौजूदगी बड़ा मुद्दा बन गया। यहां तक कि भाजपा ने भी वाजपेयी के भाषण से किनारा कर लिया। संभवतः इस भाषण के कारण उस वर्ष असम के नल्ली में 2000 से अधिक लोगों का संहार हुआ, जिनमें से ज्यादातर मुस्लिम थे। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भारत के चतुर राजनेताओं में से एक हैं और उन्हें कई तरह की विरोधाभासी बातें करने के लिए जाना जाता है : उग्रवादी राष्ट्रवादी से अपने गुप्त पारिवारिक जीवन तक, साम्यवाद के प्रति रुझान, भोजनप्रियता और यदि स्वयं को उदारवादी के रूप में पेश न कर सके तो मध्यमार्गी की तरह पेश करने तक।

यह पुस्तक वाजपेयी के करियर के अहम पड़ावों और एक अनुभवी राजनेता के रूप में उनकी विशेषताओं को खंगालती हुई उनके अपनी पार्टी के नेताओं से संबंधों और आरएसएस तथा उसके सहयोगी संगठनों के साथ प्रेम व द्वेष वाले संबंधों पर नज़र डालती है। बेहतरीन शोध, पुख़्ता तथ्यों से समर्थित तथा अंतर्कथाओं और उपाख्यानों के साथ, अंतर्दृष्टियों से युक्त साक्षात्कारों तथा सहेजने योग्य छायाचित्रों से सज्जित यह पुस्तक एक कवि-राजनेता के जीवन की झलक पेश करती है।

लेखक : उल्लेख एन.पी.
प्रकाशक : मंजुल प्रकाशन
अनुवाद : महेन्द्र नारायण सिंह यादव
पृष्ठ : 228
ISBN : 9780143429838
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अटल जीवनगाथा -
डॉ. रश्मि ने अटल जी पर 'अटल जीवनगाथा’ शीर्षक से जिस उपन्यास को लिखा है उसमें उनके बचपन से लेकर छात्र जीवन, पत्रकारिता, लेखन, रचनाशीलता से होते हुए राजनीतिक जीवन की विभिन्न लेकिन महत्वपूर्ण गतिविधियों को चित्रित किया है। इस उपन्यास में एक प्रकार से वाजपेयी जी अपना जीवन वृत्तांत कहते हुए चलते हैं। लेखिका पूर्व प्रधानमंत्री से उनका जीवन वृत्तांत कहलवाते हुए आगे बढ़ती हैं।

हालांकि 240 पृष्ठों का यह उपन्यास अटल जी के जीवन के बारे में सभी प्रमुख घटनाक्रमों को अपने में समेटने में सफल रहा है लेकिन लेखिका के मुताबिक अटल जी का व्यक्तित्व और कृतित्व इतना विराट है कि यह उपन्यास उसके लिए छोटा है।

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लेखक : उल्लेख एन.पी.
प्रकाशक : मंजुल प्रकाशन
अनुवाद : महेन्द्र नारायण सिंह यादव
पृष्ठ : 228
ISBN : 9780143429838
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