विश्व पुस्तक मेला : राजकमल प्रकाशन की 6 पुस्तकों का लोकार्पण

पुस्तकों का लोकार्पण मैत्रीय पुष्पा, मेनेजेर पांडे, रामदरश मिश्र और प्रबंध निदेशक अशोक माहेश्वरी द्वारा किया गया.
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विश्व पुस्तक मेले के सातवें दिन भी पुस्तकों के लिए लोगों की दीवानगी बरकार थी. जैसे-जैसे विश्व पुस्तक मेला अपने आखिरी पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे पुस्तकप्रेमी अपने पसंददीदा लेखकों की पुस्तकों को खरीदने के लिये समय निकल कर प्रगति मैदान आ रहे हैं. राजकमल प्रकाशन के स्टॉल पर महादेवी वर्मा, भीष्म साहिनी, जावेद अख्तर, गुलज़ार, पीयूष मिश्रा,  कुंवर नारायण, साहिर लुधियानवी और कई नामचीन लेखकों की पुस्तकों को खासा पसंद किया जा रहा है. राजकमल प्रकाशन मेले के थीम के अनुसार पर्यावरण की किताबों पर 25% की छूट भी दे रहा है जिसका लाभ पाठकों को हो रहा है.

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राजकमल प्रकाशन स्टॉल पर शुक्रवार को कुछ बहुचर्चित किताबों का लोकार्पण दौर रहा. इसमें राष्ट्रवाद के तीखे मुद्दे पर जेएनयू में हुए तेरह व्याख्यानों का संकलन रविकांत द्वारा सम्पादित किताब ‘आज के आईने में राष्ट्रवाद’, वीरेंद्र सारंग की रामायणकाल की अनुभूतियों, संवेदनाओं और व्यवहार की परतों को खोलकर नवीन कथा-प्रसंगों को सामने लाता उपन्यास ‘आर्यगाथा’, सुनील विक्रम सिंह की मार्मिक प्रेम कहानी ‘तेरी कुड़माई हो गई’,  रविभूषण की दो पुस्तक 'रामविलास शर्मा का महत्त्व' और 'वैकल्पिक भारत की तलाश' और  रामशरण जोशी की बहुप्रतीक्षित आत्मकथा ‘मैं बोनसाइ अपने समय का’ के लोकार्पण हुए. इन पुस्तकों का लोकार्पण मैत्रीय पुष्पा, मेनेजेर पांडे, रामदरश मिश्र और राजकमल प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अशोक माहेश्वरी द्वारा किया गया.

मेनेजेर पांडे ने किताब ‘आज के आईने में राष्ट्रवाद’ पुस्तक पर बोलते हुए कहा, 'आज के समय जो सत्ताविरोधी हैं, उन्हें राष्ट्रविरोधी मान लिया जाता है. ऐसे में रविकांत की यह पुस्तक आज के समय के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी.'

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अपने ज़माने के सफल पत्रकार रहे रामशरण जोशी की बहुप्रतीक्षित आत्मकथा ‘मैं बोनसाइ अपने समय का’ भी पाठकों के लिए उपलब्ध है. रामशरण जोशी ने लम्बा संघर्ष किया है. पेपर हॉकर से सफल पत्रकार; श्रमिक यूनियनकर्मी से पत्रकारिता विश्वविद्यालय के प्रशासक; यायावर विद्यार्थी से प्रोफेसर; बॉलीवुड के चक्कर; नाटकों में अभिनय और बाल मजदूर से राष्ट्रीय बाल भवन, दिल्ली के अध्यक्ष पद तक के सफ़र का बेबाक वर्णन उनकी आत्मकथा में मौजूद है.


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